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IAS परीक्षा के अंतिम प्रयास की तैयारी ऐसे करेंगे तो मिलेगी सफलता!

Webdesk | Tuesday, March 6, 2018 2:04 PM IST

IAS परीक्षा के अंतिम प्रयास की तैयारी ऐसे करेंगे तो मिलेगी सफलता!

यदि आप IAS परीक्षा के लिए अपना अंतिम प्रयास कर रहे हैं तो सही मायने में आपके सामने आने वाली चुनौतियां हर रूप में महत्वपूर्ण हैं। इस प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए तैयारी के अलावा अंतिम प्रयास तक परीक्षा देने की दृढ इच्छाशक्ति आप पर बहुत अधिक मानसिक दबाव बना देती है। आपने IAS की परीक्षा में कई बार विफलताओं के साथ तैयारी के दौरान 4 से 5 वर्ष का समय लगा दिया है। इसके अलावा, समाज और सहयोगियों का दबाव आपको और परेशान कर देता है, IAS को बतौर करिअर विकल्प चुनने के आपके महत्वाकांक्षी फैसले पर आपको संदेह होने लगता है। इन सब के अलावा, आपके भविष्य के बारे में अनिश्चितता और IAS की तैयारी के बाद का जीवन अंतिम प्रयास के साथ समाप्त हो जाता है और निश्चित रूप से चीजों को पहले से भी अधिक जटिल बना देता है।

पहले क्या छूट गया, उसका पता करें? 

IAS परीक्षा के अंतिम प्रयास की तैयारी शुरु करने का सबसे अच्छे तरीकों में से एक है बीते वर्षों की तैयारी की रणनीति की व्यापक समीक्षा करना। ऐसा सिर्फ कमियों को तलाशने और उम्मीदवारों द्वारा पिछले प्रयासों में छूट जाने वाली चीजों का पता लगाने के लिए ही नहीं बल्कि वास्तविक खूबियों और उन तरीकों का पता लगाने के लिए किया जाता है जिसका इस्तेमाल IAS तैयारी रणनीति में मौजूद कमियों को दूर करने में किया जा सके। इसके अलावा, आत्म–मूल्यांकन समग्र IAS तैयारी रणनीति में सुधार लाने और इस वर्ष होने वाले बदलावों, रुझानों और आवश्यकताओं के अनुसार अधिक सुव्यवस्थित बनाने में भी मदद करता है।

एकेडमिक  बैकग्राउंड को अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करें 

IAS उम्मीदवारों में अपने एकेडमिक बैकग्राउंड को पूरी तरह से नजरअंदाज करने और चल रहे रुझानों और कभी– कभी सहयोगियों के दबाव में आकर वैकल्पिक विषयों का चयन करना आम बात है। हालांकि, सिर्फ इसलिए कि एक विषय में किसी ने अच्छा किया, यह जरूरी नहीं है कि उसी विषय में आप भी अच्छा करें। इसके अलावा, हमने पहले ही चर्चा की है कि कुछ विषय दूसरों विषयों के मुकाबले परीक्षा में सफल होने में आपकी अधिक मदद करते हैं। 

इसलिए, यदि आपने पहले IAS परीक्षा के लिए अपना एकेडमिक बैकग्राउंड छोड़ दिया है तो आपको फिर से उस पर ध्यान देना चाहिए। अपने एकेडमिक  बैकग्राउंड पर निर्भर होने का मुख्य लाभ है कि आपने स्कूल के साथ– साथ स्नातक स्तर पर उसकी पढ़ाई करते हुए अपने जीवन का अच्छा समय उस पर पहले ही लगा दिया है। इसलिए, जब बात IAS परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषय की तैयारी की आती है, तब एक बिल्कुल नए या आपके लिए अनजान विषय की तैयारी की तुलना में ज्यादा आसान होगा।